शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

योग का चमत्कार?

>इस में कोई दो राय नहीं की योग में बहुत शक्ति है. योग एक चमत्कार है. योग की शिक्षा देने वाले इस देश में पहले भी हुए हैं. लेकिन, योग का प्रचार-प्रसार आज के युग में जितना बाबा रामदेव ने किया है, उतना शायद ही किसी और ने किया होगा. उन्होंने योग को घर-घर में पहुंचा दिया है.
>इन दिनों बाबा रामदेव पंजाब के दौरे पर हैं. शुक्रवार को योग गुरु ने पंजाब के मोगा में भारतीय कबड्डी टीम के खिलाड़ियों के साथ कबड्डी खेल कर सभी को हैरान-परेशान कर दिया. लगभग दस मिनट तक उन्होंने खिलाड़ियों को जमकर छकाया. इस अंतराल में एक भी खिलाड़ी उन्हें छू तक नहीं पाया. दूसरी ओर उन्होंने "कबड्डी-कबड्डी" कहते हुए चारों खिलाड़ियों को मैदान से बाहर का रास्ता दिखा दिया। खिलाड़ियों के पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके दम का राज योग ही है. उन्होंने बताया कि कबड्डी सांस को साधने का खेल है और लगातार कपाल भाती, अनुलोम विलोम व् अन्य प्राणायाम के साथ योग करते रहने से सांस को बेहतर ढंग से साधा जा सकता है.
>यहाँ जिक्रयोग्य है कि इन दिनों पंजाब में मोगा के ढुढीके में विश्व कबड्डी कप का आयोजन चल रहा है.
>जो कुछ बाबा रामदेव कर रहे हैं, उसे नकारा नहीं जा सकता. कुछ लोग उनकी ऐसी हरकतों को नाटकबाजी भी कह सकते हैं ताकि मीडिया में बनें रहें. लेकिन, उनकी बातों से बहुत से लोग प्रभावित भी हो रहे हैं. इसी प्रभाव के चलते सुबह जल्दी बिस्तर से उठने लगे हैं, नियमित तौर पर कपाल भाती, अनुलोम विलोम व् अन्य प्राणायाम करने लगे हैं. यहाँ तक कि अपना खान-पान भी बदलने लगे हैं. जो काम आज ताज देश की सरकारें नहीं कर सकीं, वह बाबा रामदेव कर रहे हैं. अगर बाबा रामदेव देश की जनता को स्वस्थ्य के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं तो देश के नेता और सरकारें उन्हें कब तक नज़रअंदाज कर सकती हैं.
>देश व् राज्य की सरकारों को भी चाहिए कि वे योग को भी स्कूलों और कालेजों के पाठ्यक्रम में शामिल करे. योग को केवल पाठ्यक्रम में शामिल ही ना किया जाये बल्कि अहम विषय के तौर पर शामिल किया जाये. जब युवाओं का मन और तन स्वस्थ होगा तो वे अवश्य ही अच्छे नागरिक बनेंगे. इससे लोगों में अपराधिक प्रवृति भी कम होगी. साथ ही उनकी विचार शक्ति भी मजबूत और सकारात्मक होगी. देश में योग पर खोज केंद्र भी स्थापित किये जा सकते हैं. योग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. जरूरत है तो बस इन संभावनाओं को कैश कर लेने की.
>अंत में;
>देश में योग को प्रफुल्लित करने के लिए केंद्र व् राज्य सरकारों की क्या जिम्मेवारी बनती है?

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